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₹50,000 या उससे अधिक किराए पर TDS नहीं काटने पर आयकर विभाग ने भेजे नोटिस | मूल्यांकन वर्ष 2023-24 और 2024-25

28-03-2025

🧾 ब्लॉगपोस्ट रूपरेखा:
 

  1. परिचय

  2. टैक्सपेयर्स को नोटिस क्यों मिल रहे हैं?

  3. कानून क्या कहता है? (सेक्शन 194-IB विस्तार से)

  4. पुराना बनाम नया TDS रेट

  5. TDS काटने की जिम्मेदारी किसकी है?

  6. TDS नहीं काटने पर क्या होता है?

  7. पेनल्टी, ब्याज और 'डिफॉल्ट में असेसी' का मतलब

  8. एक्सेम्प्शन: अगर मकान मालिक ने टैक्स भरा हो

  9. अपडेटेड रिटर्न फाइल करने का मौका

  10. किरायेदारों के लिए बेस्ट प्रैक्टिस

  11. निष्कर्ष


 

🏠 ₹50,000 से ज़्यादा किराए पर TDS नहीं काटने वालों को आयकर विभाग का नोटिस | मूल्यांकन वर्ष 2023-24 और 2024-25
 

आयकर विभाग ने ऐसे करदाताओं को नोटिस भेजे हैं जिन्होंने ₹50,000 प्रति माह से अधिक किराया तो दिया लेकिन TDS नहीं काटा। यह ख़बर कई नौकरीपेशा लोगों और किरायेदारों के लिए चौंकाने वाली है, खासकर उन लोगों के लिए जिन्होंने हाउस रेंट अलाउंस (HRA) क्लेम किया है लेकिन सेक्शन 194-IB का पालन नहीं किया।

अगर आपको भी ऐसा नोटिस मिला है, तो इस ब्लॉग में हम समझेंगे कि:

  • नोटिस क्यों आया?

  • कानून क्या कहता है?

  • पेनल्टी क्या हो सकती है?

  • और आप अब क्या कर सकते हैं?
     

🌐 पढ़ें: आयकर विभाग का TDS अनुपालन अभियान - आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जानें कि क्यों करदाताओं को नोटिस मिल रहे हैं।

 



📬 टैक्सपेयर्स को नोटिस क्यों मिल रहे हैं?
 

कई लोगों ने AY 2023-24 और 2024-25 में HRA क्लेम किया, लेकिन TDS नहीं काटा और न ही जमा किया।
आयकर विभाग की डेटा-मैचिंग प्रणाली ने यह मिसमैच पकड़ा और ऑटोमेटिकली नोटिस जारी कर दिए गए।
 

🌐 अधिक जानकारी के लिए: TDS में चूक पर आयकर विभाग का नोटिस - Livemint की रिपोर्ट में जानें कि कैसे HRA और TDS में मिसमैच के कारण नोटिस मिल रहे हैं।

 



📜 सेक्शन 194-IB क्या कहता है?
 

सेक्शन 194-IB के अनुसार:

“अगर कोई व्यक्ति या HUF (जिसे ऑडिट कराने की आवश्यकता नहीं है) किसी मकान का ₹50,000 या उससे अधिक मासिक किराया देता है, तो उसे उस राशि पर TDS काटना अनिवार्य है।”

  • TDS वर्ष में एक बार काटा जाता है — मार्च में या रेंट अग्रीमेंट खत्म होने पर

  • काटे गए TDS को फॉर्म 26QC से जमा करें

  • मकान मालिक को फॉर्म 16C भी देना होता है
     



🔁 पुराना बनाम नया TDS रेट
 

समयावधि किराए पर TDS रेट मासिक किराया सीमा
अक्टूबर 2024 से पहले 5% ₹50,000+
अक्टूबर 2024 से बाद 2% ₹50,000+

इससे किरायेदारों पर बोझ थोड़ा कम होगा, लेकिन नियम का पालन करना अब भी ज़रूरी है।
 

🌐 पढ़ें: TDS दरों में बदलाव: पुरानी और नई दरों की तुलना - ClearTax पर TDS की वर्तमान और आगामी दरों की विस्तृत जानकारी।

 



🙋‍♂️ TDS काटने की ज़िम्मेदारी किसकी है?
 

  • हर वह व्यक्ति या HUF जो ₹50,000/माह से अधिक का किराया देता है

  • चाहे आप नौकरीपेशा हों या स्व-नियोजित

  • TDS काटने की जिम्मेदारी किरायेदार की है, न कि मकान मालिक की
     

🌐 जानें: कौन करता है किराए पर TDS कटौती? - Taxmann की रिपोर्ट में जानें कि कौन किराए पर TDS काटने के लिए जिम्मेदार है।

 



⚠️ अगर TDS नहीं काटा तो क्या होगा?
 

TDS नहीं काटने पर आप बन जाते हैं “असेसी इन डिफॉल्ट”, जिसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं:

  • ब्याज पेनल्टी: 1%–1.5% प्रति माह

  • लेट फाइलिंग फीस: सेक्शन 234E के तहत

  • डिमांड नोटिस

  • कुछ मामलों में प्रॉसिक्यूशन भी
     



✅ एक्सेम्प्शन: अगर मकान मालिक ने टैक्स भर दिया हो
 

एक राहत की बात यह है कि:

अगर आपके मकान मालिक ने वह किराया अपनी इनकम में दिखाया है, रिटर्न भरा है और टैक्स चुका दिया है, और आप इसका सबूत दे सकते हैं — तो आपको "असेसी इन डिफॉल्ट" नहीं माना जाएगा।

लेकिन यह पूरी तरह मकान मालिक के सहयोग पर निर्भर करता है।


🛑 कई मकान मालिक अपनी इनकम डिटेल्स शेयर करने में हिचकिचाते हैं, इसलिए इस क्लॉज पर पूरी तरह भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है।
 



🔄 अपडेटेड रिटर्न: खुद को बचाने का मौका
 

अगर आपको नोटिस मिला है और आपने गलती से TDS नहीं काटा, तो आप सेक्शन 139(8A) के तहत अपडेटेड रिटर्न (ITR-U) फाइल कर सकते हैं।
HRA क्लेम कम करें, बकाया टैक्स और पेनल्टी भरें — और समस्या से बाहर निकलें।
 

📅 अपडेटेड रिटर्न की समयसीमा:
 

  • संबंधित मूल्यांकन वर्ष के अंत से 24 महीने के अंदर
     

👉 जितनी जल्दी हो, उतना अच्छा।
 

🌐 जानें: अपडेटेड रिटर्न कैसे भरें? - आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर ITR-U फाइलिंग का पूरा विवरण।

 



💡 किरायेदारों के लिए बेस्ट प्रैक्टिस
 

  1. हमेशा किराए की राशि जांचें — ₹50,000/माह से ऊपर है या नहीं

  2. वर्ष में एक बार TDS काटें — मार्च में या अग्रीमेंट के अंत में

  3. फॉर्म 26QC फाइल करें और फॉर्म 16C मकान मालिक को दें

  4. टैक्स एक्सपर्ट से सलाह लें अगर भ्रम हो

  5. सभी रिकॉर्ड रखें — भुगतान, कटौती, मकान मालिक का पैन आदि
     



🧩 निष्कर्ष: टैक्स में लापरवाही महंगी पड़ सकती है
 

TDS से जुड़े ये नए नोटिस एक चेतावनी हैं।
₹50,000 या उससे अधिक किराया देने पर TDS नहीं काटना अब भारी नुकसान की वजह बन सकता है।

 

🌐 अधिक जानकारी के लिए: TDS अनुपालन में सावधानी बरतें - Financial Express की रिपोर्ट में TDS अनुपालन के लिए महत्वपूर्ण सुझाव।

 

🔁 समाधान सीधा है:

सही समय पर नियमों का पालन करें, जरूरत हो तो अपडेटेड रिटर्न भरें, और खुद को कानूनी पचड़े से दूर रखें।

याद रखिए: “टैक्स के मामले में अनजान होना बहाना नहीं — बल्कि जुर्म है।”

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